इसे 'गर्म' ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। यह शारीरिक शक्ति, तर्क और सक्रियता को नियंत्रित करती है।
यह रीढ़ की हड्डी के दाईं (Right) ओर स्थित होती है।
2. पिंगला नाड़ी (Pingala Nadi) - 'सूर्य' नाड़ी
योग और अध्यात्म के अनुसार, हमारे शरीर में ऊर्जा के बहने के हज़ारों रास्ते होते हैं जिन्हें 'नाड़ियां' कहा जाता है। इनमें , पिंगला (Pingala) और सुषुम्ना (Sushumna) सबसे महत्वपूर्ण हैं।
जब इड़ा सक्रिय होती है, तो आप शांत और अंतर्मुखी महसूस करते हैं। इसका संबंध हमारे दाएं मस्तिष्क (Right Brain) से है।
क्या आप इन नाड़ियों को संतुलित करने के लिए (जैसे अनुलोम-विलोम) के बारे में जानना चाहेंगे?